सड़क सुरक्षा : नियम, कानून एवं जन-जागरूकता का एक संदेश…

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🚦 *सड़क सुरक्षा : नियम, कानून एवं जन-जागरूकता*

सड़क सुरक्षा केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। छत्तीसगढ़ राज्य और बेमेतरा जिला में बढ़ती सड़क दुर्घटनाएँ यह संकेत देती हैं कि यातायात नियमों की जानकारी, पालन एवं जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। सड़क सुरक्षा नियमों का उद्देश्य दुर्घटनाओं को रोकना, जन-धन की रक्षा करना तथा सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

 

*छत्तीसगढ़ में लागू प्रमुख सड़क सुरक्षा नियम*

 

*वाहन चालक से संबंधित नियम*

वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बिना वाहन चलाना कानूनन अपराध है।

हेलमेट (दोपहिया वाहन) एवं सीट बेल्ट (चारपहिया वाहन) का प्रयोग अनिवार्य है।

नशे की अवस्था में वाहन चलाना गंभीर दंडनीय अपराध है।

निर्धारित गति सीमा का पालन करना अनिवार्य है।

मोबाइल फोन पर बात करते हुए वाहन चलाना प्रतिबंधित है।

वाहन चलाते समय ट्रैफिक सिग्नल एवं सड़क संकेतों का पालन करना आवश्यक है।

 

*वाहन से संबंधित नियम वाहन का पंजीकरण*

(Registration) और बीमा (Insurance) होना अनिवार्य है।

वाहन का समय-समय पर फिटनेस परीक्षण आवश्यक है।

प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) रखना अनिवार्य है।

 

*पैदल यात्रियों एवं आम जनता के लिए निर्देश*

पैदल यात्रियों को ज़ेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करना चाहिए।

सड़क पार करते समय दाएँ-बाएँ देखकर ही आगे बढ़ें।

बच्चों एवं बुजुर्गों को सड़क पार कराने में सहयोग करें।

रात के समय या कम रोशनी में रिफ्लेक्टिव वस्त्र पहनना सुरक्षित है।

 

*सड़क सुरक्षा हेतु विशेष पहल*

राज्य में सड़क सुरक्षा सप्ताह एवं जन-जागरूकता रैलियाँ आयोजित की जाती हैं।

विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में सड़क सुरक्षा पर कार्यशालाएँ कराई जाती हैं।

यातायात पुलिस द्वारा समय-समय पर चालान एवं परामर्श अभियान चलाए जाते हैं।

ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पोस्टर, बैनर एवं प्रचार सामग्री के माध्यम से जागरूकता बढ़ाई जाती है।

 

*जन-जागरूकता अभियान का महत्व*

जन-जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में यह समझ विकसित करना है कि—

सड़क नियम जीवन रक्षा के लिए हैं, दंड के लिए नहीं।

थोड़ी सी लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।

अनुशासित यातायात व्यवहार से ही सुरक्षित समाज का निर्माण संभव है।

 

सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करके ही हम स्वयं को, अपने परिवार को और समाज को सुरक्षित रख सकते हैं। छत्तीसगढ़ एवं भारत में लागू यातायात नियम नागरिकों के जीवन की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। अतः प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह स्वयं नियमों का पालन करे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करे।

सुरक्षित सड़क – सुरक्षित जीवन ही एक जागरूक समाज की पहचान है।

 

*📖अत्यंत महत्वपूर्ण📖*

 

🚶‍♂️ सड़क सुरक्षा नियमानुसार पैदल यात्री को किस दिशा में चलना चाहिए?

सड़क सुरक्षा नियमों के अनुसार, जहाँ फुटपाथ उपलब्ध न हो, वहाँ पैदल यात्री को हमेशा—

👉 सड़क के बाएँ किनारे नहीं, बल्कि सड़क के दाएँ किनारे चलना चाहिए।

📌 इसके पीछे कारण

दाएँ किनारे चलने से पैदल यात्री को सामने से आने वाले वाहनों को देखने की सुविधा मिलती है।

किसी भी आपात स्थिति में वाहन को देखकर तुरंत सुरक्षित दूरी बनाना संभव होता है।

पीछे से आने वाले वाहनों की तुलना में सामने से आने वाले वाहन अधिक स्पष्ट दिखाई देते हैं, जिससे दुर्घटना की संभावना कम होती है।

⚠️ विशेष निर्देश

जहां फुटपाथ उपलब्ध हो, पैदल यात्री को अनिवार्य रूप से फुटपाथ का ही उपयोग करना चाहिए।

रात के समय या कम रोशनी में चलते समय हल्के रंग के या रिफ्लेक्टिव कपड़े पहनना सुरक्षित होता है।

बच्चों, वृद्धों एवं दिव्यांग व्यक्तियों को सड़क पार कराते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

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