मनरेगा में मोदी सरकार के प्रस्तावित बदलाव काम के संवैधानिक अधिकार पर हमला है- विक्रम मंडावी…. 

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मनरेगा में मोदी सरकार के प्रस्तावित बदलाव काम के संवैधानिक अधिकार पर हमला है- विक्रम मंडावी…. 

 

न्यूज़ स्टोरी बीजापुर छत्तीसगढ़ – अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मार्गदर्शन एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी ने शनिवार को जिला मुख्यालय सुकमा में प्रेस वार्ता आयोजित कर कहा कि

पहले मनरेगा के तहत देश भर के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को काम की कानूनी गारंटी प्राप्त थी। देश की किसी भी ग्राम पंचायत में किसी भी परिवार द्वारा काम माँगने पर 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराना अनिवार्य था। लेकिन अब मोदी सरकार के इन बदलावों के बाद काम अब यह अधिकार नहीं रहेगा, बल्कि सरकार की मर्जी से बाँटी जाने वाली एक “रेवड़ी” बन जाएगा और मोदी सरकार ये तय करेगी कि कौन-सी ग्राम पंचायतों को काम मिलेगा और किस ग्राम पंचायत को काम नही मिलेगा।

विक्रम मंडावी ने मोदी सरकार द्वारा गरीबों के मज़दूरी पाने का अधिकार छीने जाने का आरोप लगाते हुए आगे कहा कि पहले मनरेगा के तहत काम तय न्यूनतम मज़दूरी पर दिया जाता था, जिसमें हर साल बढ़ोतरी की जाती थी। साल के 365 दिन काम उपलब्ध रहता था, ताकि ज़रूरत पड़ने पर परिवारों के पास कमाई का विकल्प हमेशा मौजूद रहे। लेकिन अब मोदी सरकार के इन बदलावों के तहत मज़दूरी मनमाने ढंग से तय की जाएगी, न तो न्यूनतम मज़दूरी की कोई गारंटी होगी और न ही हर साल बढ़ोतरी का कोई गारंटी। फसल कटाई के मौसम में काम की अनुमति नहीं होगी, जिससे मज़दूरों की अन्य काम देने वालों से बेहतर मज़दूरी की माँग करने की ताक़त कमज़ोर होगी और उन्हें बिना न्यूनतम मज़दूरी के, जो भी काम मिलेगा उसे स्वीकार करने को मजबूर किया जाएगा प्रेस वार्ता के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी सुकमा के अध्यक्ष हरीश कवासी, सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।

 

 

वाईट – बीजापुर विधायक विक्रम मांडवी

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