राजनीतिक गलियारों में फागुन की हवा में सियासी गर्मी तेज… नवागढ़ में कांग्रेस की तंबू-पॉलिटिक्स…*

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*राजनीतिक गलियारों में फागुन की हवा में सियासी गर्मी तेज… नवागढ़ में कांग्रेस की तंबू-पॉलिटिक्स…*

 

 

 

न्यूज स्टोरी @नवागढ़ छत्तीसगढ़ फाल्गुन शुरू होते ही जहां आमतौर पर रंगों की चर्चा होती है, नवागढ़ में इस बार राजनीति के रंग चढ़ते नजर आए। वहीं सोमवार को कांग्रेस के नेता-कार्यकर्ता जनपद पंचायत के सामने तंबू गाड़कर धरने पर बैठ गए। मुद्दा वही राजीव गांधी की प्रतिमा के सामने बन रही दुकान। संदेश साफ थाः ईंट-गारे से पहले हिसाब-किताब। धरना स्थल पर माहौल ऐसा रहा मानो जनपद पंचायत के बाहर अस्थायी संसद सत्र चल रहा हो। नारे गूंजे, पोस्टर लहराए और माइक से ऐसे भाषण हुए कि आसपास के दफ्तरों कि की चाय भी भी ठंडी पड़ गई।

 

धरने की अगुवाई पूर्व जनपद अध्यक्ष अंजली मारकंडे और जिला पंचायत सदस्य सुशीला जोशी ने की। उनके साथ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी नवागढ़ अध्यक्ष अश्वनी अनंत, संबलपुर ब्लॉक अध्यक्ष गणेश राजपूत और नादघाट ब्लॉक अध्यक्ष देवेन्द्र साहू कार्यकर्ताओं की मजबूत मौजूदगी के साथ मैदान में डटे रहे। कांग्रेसियों का कहना था कि राजीव गांधी की प्रतिमा के सामने दुकान बनना न केवल अनुचित है, बल्कि इसके पीछे की प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में है। मंच से जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा- या तो निर्माण रुके, या आंदोलन आगे बढ़े। उनका तंज था कि फाइलों की रफ्तार भले ही कछुआ हो, लेकिन जनआंदोलन की चाल अब तेज हो चुकी है। इसके बाद नवागढ़ के पूर्व विधायक गुरुदयाल बंजारे ने माइक संभाला और आरोपों की ऐसी सूची

 

दुकान ने बढ़ाई धड़कन, प्रशासन को मिला 15 दिन का’ होमवर्क’, जांच की लंबी लिस्ट थमाई

 

गिनाई कि सुनने वालों को लगा-यह दुकान नहीं, सवालों की पूरी मॉल है। धरना सभा में विजय बघेल और शशि प्रभा गायकवाड़ सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधन दिया। वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या पद के खिलाफ नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों की किताब खोलने के लिए है। जनता से समर्थन की अपील करते हुए यह भी जोड़ा गया कि कांग्रेस का यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण है, लेकिन इरादों में पूरी तरह सख्त।ज्ञापन में लंबी लिस्ट, जांच की ‘दस डिमांड’धरना समाप्त होते ही कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर लौटा। ज्ञापन में जांच की मांगों की ऐसी सूची थी, जिसे देखकर अफसरों को भी कैलकुलेटर और फाइल साथ रखने की जरूरत महसूस हो सकती है। इन मांगों में राजीव गांधी की प्रतिमा के सामने दुकान निर्माण पर तत्काल रोक, अब तक हुए खर्च का पूरा हिसाब 1 जनवरी 2024 से जनपद पंचायत के सभी बैंक खातों की जांच, निर्वाचन में कर्मचारियों के वेतन मद के उपयोग की पड़ताल, टैंकर डस्टबिन-रिक्शा खरीदी से जुड़े पत्राचार, 15वें वित्त आयोग की राशि से हुए भुगतान पिछले दो वर्षों में मिले ब्याज और उसके उपयोग, वाहन-मशीनरी व अन्य बिलों की जांच तथा अंत में स्वतंत्र और निष्पक्ष ऑडिट शामिल है। कांग्रेस नेताओं ने साफ शब्दों में कहा कि यदि 15 दिन के भीतर कार्रवाई शुरू नहीं हुई, तो आंदोलन जिला स्तर तक पहुंचेगा। कुल मिलाकर नवागढ़ में इन दिनों राजनीति का तापमान बढ़ा हुआ है-अब देखना यह है कि पहले निर्माण की रफ्तार थमती है या जांच की फाइलें दौड़ने लगती है।

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