*स्वास्थ्य विभाग की खुली पोल…मनमानी से मरीजों का बढ़ा दर्द* 
*दाढ़ी सहित खंडसरा, छिरहा, कठौतिया के स्वास्थ्य केंद्रों का भी यही हाल…*
*प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज ठप, दो दिन से डॉक्टर व स्टाफ नदारद, भटकते रहे मरीज…*
न्यूज़ स्टोरी @ दाढ़ी बेमेतरा छत्तीसगढ़ – नवागढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत दाढ़ी नगर पंचायत में संचालित शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। मरीजों का आरोप है कि बीते दो दिनों से स्वास्थ्य केंद्र में न तो नियमित डॉक्टर मौजूद हैं और न ही स्टाफ नर्स अथवा अन्य आवश्यक कर्मचारी। – परिणामस्वरूप इलाज की आस में पहुंच रहे मरीजों को बिना उपचार के ही लौटना पड़ – रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी गरीब, असहाय, किसान और मजदूर वर्ग को उठानी पड़ रही है, जो पूरी तरह शासकीय
निशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में केवल जीवनदीप समिति के माध्यम से संविदा पर रखे गए तीन कर्मचारी ही उपस्थित मिले।
इन कर्मचारियों द्वारा भी मरीजों की विधिवत जांच किए बिना सामान्य दवाइयां दे दी जा रही थीं। ग्राम बंधी निवासी प्रकाश साहू ने बताया कि लगातार दो दिनों से परिवार के साथ इलाज कराने दाढ़ी स्वास्थ्य केंद्र आ रहे हैं, लेकिन डॉक्टर के अभाव में उन्हें हर बार निराश होकर गांव लौटना पड़ रहा है। वहीं नगर निवासी केवल तंबोली ने बताया कि वे इंजेक्शन लगवाने स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे, पर डॉक्टर के न होने से उनका इलाज नहीं हो सका। इस मामले को लेकर नगर के सनत देवांगन ने सीएमएचओ को पत्र लिखकर लंबे समय से अनुपस्थित डॉक्टरों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अंचल की गर्भवतियों को प्रसव के लिए जिला अस्पताल बेमेतरा जाना पड़ रहा
दाढ़ी ही नहीं, बल्कि बेमेतरा जिले के दूरस्थ अंचलों में स्थित खंडसरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निशुल्क और कठौतिया की स्थिति भी लगभग इसी तरह की बनी हुई है। डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए भी जिला अस्पताल बेमेतरा जाना पड़ रहा है। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा वर्षों से इन केंद्रों का औचक निरीक्षण नहीं किया गया है। जीवनदीप समिति की बैठकें भी नियमित नहीं हो रहीं, जिससे निगरानी व्यवस्था कमजोर हो गई है। दाढ़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हेल्थ एंड निशुल्क सेंटर का भवन तो निर्मित है, लेकिन डॉक्टर और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति नहीं होने से केंद्र और राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है।
*ये कर्मचारी कार्यरत जिनके भरोसे होता है इलाज*
स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ कर्मचारियों की सूची स्वास्थ्य केंद्र की दीवार पर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के नाम से चस्पा है। सूची के अनुसार यहां डॉ. शिल्पी गुप्ता मेडिकल ऑफिसर, पीआर रेडकर आरएमए, चंद्र प्रतिभा राजपूत एलएचवी, भोजबाई नेताम स्टाफ नर्स, रामनारायण साहू लैब टेक्नीशियन, दामिनी साहू फार्मासिस्ट, रेनू मंडले आरएचओ, सूरज यादव जेएसए, जयकुमारी मानिकपुरी आयुष ऑपरेटर, मोहन साहू जीडीएस चौकीदार एवं झम्मन साहू सफाई कर्मी सहित कुल 11 कर्मचारियों के नाम दर्ज हैं। इसके बावजूद मरीजों का आरोप है कि नियमित डॉक्टर पिछले कई दिनों से अनुपस्थित हैं।
*आरएमए के भरोसे आम नागरिकों की इलाज..*
बीएमओ डॉ. शरद कोहाड़े से चर्चा की गई तो उन्होंने डॉक्टर की अनुपस्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी और बाद में जानकारी देने की बात कही। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वर्तमान में केवल एक आरएमए के भरोसे ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन किया जा रहा है।
*होगी कारण बताओ नोटिस…*
दाढ़ी अस्पताल में दो दिनों से डॉक्टर अनुपस्थित है?
– हां, अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर अवकाश पर होने की जानकारी है।
दाढ़ी स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर के नहीं, मरीज भटक रहे हैं?
– यह तो बीएमओ ही बता पाएंगे, जब डॉक्टर अनुपस्थित है तो फिर वेतन कैसे आहरण हो रहा है
अनुपस्थित डॉक्टर के
खिलाफ कार्रवाई करेंगे?
– बिना उपस्थिति के ही डॉक्टर का वेतन आहरण हो रहा होगा तो बीएमओ और अनुपस्थित डॉक्टर एवं अन्य अनुपस्थित स्वास्थ्य कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।









