*सरकारी अस्पताल में मरीजों के साथ डाक्टरो बर्ताव हीनती की भाव को दे रहा बढ़ावा*
*सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवागढ़ जाने से डाक्टर मरीजों की बढा देते हैं बीपी*
नवागढ़ – सरकारी अस्पताल में मरीजों के साथ हो रहे सेहत के साथ खिलवाड़ खुले आम एक लेडी डॉक्टर इलाज करने से पहले मरीजों का बढा देते हैं बीपी इलाज तो दूर की बात है। आम नागरिकों के शांत भाव से ईलाज करने के बजाय लापरवाही करना एक जिम्मेदार पब्लिक सर्वेनट का बर्ताव अंध जल गगरी छलकत जाए वाली कहावत एकदम चरितार्थ हो रहा है। जिस लहजे से मरीज व मरीज के सामने मिडिया से बात करने की तरीके काफी अहंकार से भरी नजर आया ऐसे में एक डाक्टर आम जनता के सेहत सुधार करने के बजाए हाई बीपी का पेशेंट बना दे रहा है। ऐसे डाक्टरों से भगवान बचाए कहते हुए एक मरीज पर्ची फाड़कर नवागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के इलाज व स्टाफ डाक्टर के लहजे व उनकी बर्ताव से नाराज़ होकर निजी अस्पताल में इलाज कराने की बात करते हुए चले गए।
*मरीज के साथ डाक्टर का स्वभाव से सरकारी अस्पताल का मोह भंग कर रहा*
एक ओर स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होने का दावा राज्य सरकार कर रही वहीं दुसरी ओर जिम्मेदार पदों में बैठे जिला मुख्यालय व ब्लाक मुख्यालय में कार्यरत अधिकारियों के जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर देने वाली बात सामने आ रही है। जो नवागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल कर रख दी। ऐसे में सरकारी अस्पतालों से डाक्टरों की बर्ताव से मरीज सरकारी अस्पतालों की मोह खत्म हो रही है। जिनका पूरा श्रेय निजी अस्पताल व ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य सुविधाएं देने डाक्टर को लाभ पहुंचाया जा रहा है या जानबूझकर इस तरह सरकारी अस्पताल में मरीजों के साथ ऐसा स्थिति बनाकर आम मरीजों को निजी अस्पतालों में ही भेजने की नियत को जाहिर कर रहा है। यही बात सामने देखने को मिल रहा है। इस विषय को लेकर संवाददाता ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अमृत लाल से बातचीत कर लापरवाह डाक्टरों की जानकारी देनी चाही किंतु किन्हीं कारणों से फोन पर बात नहीं कर पाया। जिनके वजह से ख़बरों के माध्यम से आम नागरिकों व मरीजों के साथ एक जिम्मेदार डाक्टर के एक स्वभाव कैसा होना चाहिए । यह किसी को बतलाने की जरूरत नहीं है। एक डाक्टर का आम जनता व मरीजों के साथ सेवा भाव के बजाए सरकारी सेवक का बर्ताव उनकी अंहकारता को बढ़ावा दे रहा है जो भविष्य में राज्य सरकार के छवि को धुमिल करने कोई कसर नहीं छोड़ी। बहर हाल अब देखने वाली बात है की ऐसे डाक्टरों के साथ किस तरह कार्यवाही करते हैं यह अब देखने वाली बात होगी।










