*जिला कलेक्टर करो विचार…बगैर अनुमति मुख्यालय छोड़ कर जाने वाले जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों का कुछ हो पाएगा की चलेगी मनमानी*

*संयुक्त टीम सिर्फ नाम मात्र…नियम निर्देशों का खलेआम उड़ा रहे धज्जिया…अवैध गतिविधियों को दे रहे बढ़ावा या फिर मलाई मिठाई में मस्त जिम्मेदार अफसर*
न्यूज़ स्टोरी बेमेतरा – भगवान भरोसे धान खरीदी नियंत्रण की कार्य… जवाबदार को अपने जिम्मेदारी से कोई लेना-देना नहीं इसी लिए नहीं उठाते फोन…बेमेतरा जिले में कैसे होगा सुधार…जिले में रहकर जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी अवैध गतिविधियों को रोक पायेगा या जिले का नाम डुबाकर जायेगे..? पत्रकारों का फोन उठाने से क्यों डरते जिले के अधिकारी..? जिले व ब्लॉक मुख्यालय के जिम्मेदार अधिकारी मुख्यालय छोड़कर कहां जाते हैं जांच का विषय और मुख्यालय निवास की होनी चाहिए पुष्टि सरकार को धोखे में रखकर आखिर कब तक करेंगे काम जिला प्रशासन जल्द करेंगे उचित कार्यवाही नहीं तो समितियों को ढुबने से कोई नहीं बचा पाएगा…अवैध धान की परिवहन की सूचना मिलने के बावजूद भी कार्यवाही करने में अधिकारियों के छुट रहे पसीने… सरकार को धोखा में रखकर कोचियो का धान समिति में खपाने व अवैध गतिविधियों पर हौसले को साथ तो नहीं दे रहे जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी कही बंद लिफाफे में बिक तो नही गए जिम्मेदार… लगातार बेमेतरा जिले के उप पंजीयत ए.के. सिंह के निर्देशों पर अवैध धान परिवहन व बिक्री पर बेमेतरा जिले में हो रही जप्ती कार्यवाही… छत्तीसगढ़ शासन की धान खरीदी योजना वर्ष 2025 – 26 जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष की जिम्मेदार पद में पदासीन जिला के प्रशासनिक अधिकारी के लापरवाही तो सारी हद ही पार कर दी सरकार की सारी सुख सुविधाओं का पूर्ण लाभ तो ले रहे हैं किंतु आम जनता और सरकार की दी गई जिम्मेदारियां को बखूबी से निर्वहन नहीं कर पा रही ऐसा प्रतीत हो रहा है। क्योंकि अवैध धान परिवहन करते कोचियों की सूचना देने पर ना कोई तत्परता और ना ही जिम्मेदारी देखने को भी नहीं मिली वही अपनी जिम्मेदारी से दूर भागते नजर आए ।
*जिले के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी की कार्य प्रणाली बंदर की उझल कुछ ही जैसी जिनका वास्तविकता में कुछ लेना-देना नहीं*
बड़ी जिम्मेदारी होने के बावजूद भी कार्यवाही करने के नाम पर मात्र दिखावे का कार्यवाही की जा रही है। संयुक्त टीम के नाम सारी सुविधाएं मिलने के बावजूद भी सरकार की छवि को धूमिल कर रही है मानो कार्यवाही की झुठी प्रशंसा पाने में अपनी एड़ी चोटी एक कर दे रहे हैं। और सरकारी सुख सुविधाओं की पूरा लाभ लेने के बाद ही ईमानदारी के जगह सिर्फ कपट नीति पर मगन है जिम्मेदार कर्मचारी अधिकारी और आम जनता परेशान साथ कोचियों की सोने में सुहागा जैसे लाभ उठा रहे हैं ऐसा प्रतीत हो रहा है।
*जिला पंजीयक ए.के.सिंग के सक्रियता से बेमेतरा जिले में अवैध धान परिवहन व बिक्री पर ताबड़तोड़ कार्यवाही*
जिला पंजीयन ए.के.सिंह के नेतृत्व में सबसे पहले कार्यवाही मऊ सेवा सहकारी समिति से प्रारंभ हुआ जो बेमेतरा जिले के लिए ऐतिहासिक कार्यवाही रहा इसी तरीके से लगातार कार्यवाही से सिर्फ ए.के. सिंह के ही नेतृत्व और उनके कार्य कुशलता से ही अब तक की कार्यवाही हुई है और जितने भी कार्यवाही के नाम पर जो लोग अपनी वाहवाही बटोरने में लगे हैं वे सिर्फ दिखावे के रूप में है । जो सिर्फ अखबारों पर बड़े-बड़े सुर्खियों में अपनी नाम छपा कर शासन प्रशासन को कार्यवाही की झुठी ढोंग रच रहे हैं उसी को ही अपनी जिम्मेदारी समझते हैं। वहीं विभागीय कार्यवाही के नाम पर झूठी ढोल पीटने वाले सरकार की आंखों में धूल झोंक कर आम जनता के साथ भी कपट की नीति कार्य कर रहे हैं। संयुक्त टीम के नाम पर एक दूसरे के नहीं होने से टीम में द्वेष की भावना हर चूकी है खाद्य विभाग को लगता है मेरे क्या जाता है जब राजस्व विभाग के जिम्मेदार रहेंगे तभी हो पाएगी कार्यवाही। वहीं मंडी निरीक्षक भी काफी मेहनत से कार्य कर रहे हैं जो सूचना मिलते ही जल्द मौके पर पहुंच कर कार्यवाही कर रहे हैं। कही जिला प्रशासन खुली छूट तो नहीं दे दी संयुक्त टीम के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारीयों को जिनके वजह सूचना मिलने के बावजूद भी कार्यवाही के लिए नहीं पहुंचे और ना ही फोन उठाते भी नहीं है। मानो खुली छूट दे दी हो ऐसा जिला प्रशासन तो नहीं दे दी है । जिला पंजीयन जहां भी गए हैं बेहतर कार्यवाही करवाएं हैं । वहीं कार्यवाही के नाम पर राजस्व ,खाद्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी की अपने मुख्यालय में रहने के बजाय मनमर्जी तरीके से काम के नाम पर महज एक दिखावे का ढोल बजाकर अपनी जवाबदेही से बचते रहे हैं।
*जवाबदार अफसर अपने में मस्त सूचना व कार्यवाही से लेना देना नहीं*
अधिया/रेगहा के नाम पर कोचिया व मिलर्स खुलेआम धान खपा रहे समितियों पर और जवाबदार को सांप सूंघ दिया इसी वजह बेखौफ होकर धान की गोरखधंधा में कोचिया मस्त और जब पकड़ में आ जाते हैं तो किसी गांव के प्रतिष्ठित किसान के जमीन में अधिया/रेगहा की उपज की फसल लाने की बात करते हैं और बचते रहे हैं कुछ भ्रष्ट अधिकारी जानबूझकर कार्यवाही करने से डरते हैं। अपनी जिम्मेदारी व जावबदेही से भागते है। इन्हीं लापरवाह अधिकारी कर्मचारीयों के वजह ही धान की परिवहन और समितियों पर बिक्री काफी फल फूल रहा है। पूरा मामला नव गठित दाढ़ी तहसील क्षेत्र अंतर्गत आने वाले समिति सेमरिया में खुलेआम एक किसान उमरिया समिति अंतर्गत आने वाले ग्राम बेतर निवासी बसंत पिता गोवर्धन पटेल की जमीन को अधिया रेगहा के रूप में लेकर उपज की फसल को ट्रैक्टर पर लोड कर धान को सेमरिया निवासी संतोष कुमार साहू पिता अर्जुन साहू अपने घर ले जा रहा था जब संयुक्त टीम व जवाबदार अधिकारीयों ने बड़े बड़े बहाने बनाकर बचते बचाते नजर आए वहीं फोन पर लगातार ए.के.सिंग.साहब ने लगातार जानकारी देते रहा जहां सेमरिया निवासी किसान संतोष कुमार साहू के नाम से कल दिनांक 19 जनवरी 2026 को लगभग 66 तौल का टोकन होना बताया । वहीं लोड ट्रैक्टर स्वराज जिनका बिना नम्बर प्लेट की गाड़ी से 1 सौ 50 कट्टी धान को परिवहन की सूचना जिम्मेदार विभागीय अधिकारी कर्मचारियों को दी गई किंतु मौके पर आने व कार्यवाही के नाम पर सिर्फ सरकारी की सुविधाओं का पूरा फायदा उठा रहे हैं। किंतु स्वयं की जिम्मेदारी पर एक भी कार्यवाही नही कर पाना यह एक बड़ा सवाल है जो जवाबदार अधिकारी कर्मचारियों के पोल खोल दी नतिजन सिर्फ जो कुछ मिला उसमें अपनी झुठी वाहवाही बटोरने में कोई कसर नहीं छोड़ते मगर हकीकत यही सामने आ रहा है की अपनी जिम्मेदारी को बखूबी से निर्वहन ही नहीं कर पा रहे। इसी वजह सूचना मिलने के बावजूद भी अधिकारी कर्मचारी ना आते हैं और ना ही कार्यवाही करना चाहते। कुछ जिम्मेदार अधिकारी जिनको जिला की धान खरीदी की बड़ी जिम्मेदारी मिली है वह तो फोन भी उठाना मुनासिब नहीं समझते मानो फोन उठाते ही कार्यवाही कर देंगे और जिनके लिए उनको सरे-आम किसी रसूखदार व बड़ी होहदे के राज नेताओं की सुननी पड़ेगी इसी वजह से चुप्पी साध लेने व फोन रिसीव ना करने में ही अपनी भलाई समझती है। अपनी काम सरकारी कुर्सी व एसी की कोमल हवाओं से कौन इस ठिठुरन भरी सर्दी में अपनी सेहत खराब करने बाहर निकलेंगे इस लिए ही कहीं ना कहीं अपनी जिम्मेदारी व फोन पर सूचना मिलने के बावजूद भी चुप्पी में ही भलाई समझते हैं।
*टोकन की मात्रा 26 कुंटल 40 किलो और बगैर वैध दस्तावेज 1 सौ 50 कट्टी धान का कर रहे परिवहन*
जिला पंजीयन ए.के. सिंह के निर्देशानुसार से जानकारी प्राप्त हुआ कि सेमरिया निवासी किसान संतोष कुमार साहू पिता अर्जुन साहू जिनके नाम पर कुल रकबा हेक्टेयर में 0. 5100 का धान का पंजीयन स्पष्ट लिखा हुआ है वही जारी टोकन में 26 कुंतल 40 किलो धान बेचने की प्रमाणिकता सामने देखने को मिला जबकि उमरिया समिति क्षेत्र अंतर्गत की आने वाले ग्राम बेतर निवासी चेतन पिता गोवर्धन पटेल की पैतृक भूमि पर अधिया/रेगहा की फसल की उपज को स्वराज ट्रैक्टर से 1सौ 50 कट्टी धान लाने की बात तो किए किंतु मौके पर नहीं पहुंचे । और ना ही किसी प्रकार से वैध दस्तावेज की कॉपी नहीं दिखा पाए । मौके पर थाना प्रभारी की उपस्थिति के दौरान थाना प्रभारी भी कैसे कार्यवाही करूं यह बात भी समझ में नहीं आ रहा था फिर फोन के माध्यम से ए.के. सिंह जिला पंजीयन सर से बात करवाया गया तब आधे घंटे के समझाने के बाद बात थाना प्रभारी के बात समझ में आया उसी के मुताबिक से 1सौ 50 कट्टी धान से भारी स्वराज ट्रैक्टर जिनकी ना तो कोई नम्बर प्लेट भी कहीं देखने को नहीं मिला जिनको दाढ़ी थाने में खड़ी की गई और अग्रिम कार्यवाही की बात की गई। मौके पर दो कोटवार जिसमें से एक कोटवार चेक पोस्ट पर रहते हैं उनकी उपस्थिति रही तो फिर धान कैसे परिवहन हुआ यह भी एक बड़ा सवाल है।
*राजस्व विभाग,खाद्य विभाग व धान खरीदी नोडल अधिकारी की निष्क्रियता से कोचिया व मिलर्स खपा रहे समितियों पर धान…
सरकारी सिस्टम की खुली पोल जवाबदार अधिकारी कर्मचारियों को सरकार दिशा निर्देशों का नहीं कर रहे पालन नतीजन अवैध धान की परिवहन व बिक्री पर रोक लगाने पर नाकाम जिले के जिम्मेदार अधिकारी दिखावे के चेक पोस्ट लगाकर क्या साबित करना चाहते हैं जहां एक जवाबदार की उपस्थिति भी नहीं रहता है। इसी वजह खुलेआम हो रही धान की परिवहन और बिक्री। बेमेतरा जिले में लगाए गए चेक पोस्ट पर जो जवाब देही दिया गया है उनका अता-पता ही नहीं रहता आए दिन अवैध रूप से बगैर टोकन व जमीन की पर्ची के बगैर किसानों के आड़ पर कोचिया खुलेआम धान की परिवहन और समितियों पर धान खपत कर रहे हैं। वहीं जिला प्रशासन द्वारा सरकारी समर्थन मूल्य पर हो रही धान खरीदी के तय तिथि तक किसी भी प्रकार से लापरवाही नहीं होनी चाहिए साथ ही अवैध रूप से किसानो को आगे लाकर कोचियों के द्वारा जिस तरीके से खड़ा करके धान खपा रहे हैं। उन पर लगाम लगाने लगाए गए चेक पोस्ट महज एक टाइम पास है और सरकार के दिशा निर्देशों को ठेंगा दिखाते हुए झूठी कार्यवाही का दिखावा करके विभागीय जिम्मेदार अफसर अपनी झुठी वाहवाही बटोर रहे हैं। बात समझ में आया तो ठीक नहीं तो लगातार समाचार के माध्यम से आम जनता से राजधानी की जिम्मेदार प्रदेश के मुखियाओं को आगाह करते रहेंगे। अब देखने वाली बात यह होगी की इतनी बस होने के बावजूद भी जिला प्रशासन नहीं जगा और जो अपना मुख्यालय छोड़कर गैर जिम्मेदाराना हरकत कर रहे हैं उनको जिला प्रशासन छुट्टी दे या घर बिठाकर वेतन दे अब तो बड़ा सवाल राजधानी में बड़ी बड़ी वाहनों और बंगले में जनता का हित की बात करने वाले से ही जिला शासन प्रशासन की प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारियों की निष्क्रियता को अवश्य समाचारपत्र एवं न्यूज़ पोर्टल व अन्य गतिविधियों के माध्यम से पहुंचाएंगे जरूर।
*वर्जन*
कार्यवाही करना तो इनके बस में नहीं इसी वजह फोन उठाना मुनासिब नहीं समझते अलग अलग फोन पर सम्पर्क साधने का प्रयास किया गया किंतु फोन उठाया ही नहीं ऐसे जिम्मेदार के भरोसे जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष की जिम्मेदार नाम मात्र का हकिकत तस्वीर देखे जिम्मेदार दर्पण नहीं तो मिडिया अपने लेखनी के माध्यम से सामने अवश्य उजागर करेंगे।
*पिंकी मनहर* अपर कलेक्टर व जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष बेमेतरा*
*वर्जन*
फोन पर संपर्क तो हुआ जिसमें किसी राइस मिल की भौतिक सत्यापन करने की बात कही यह भी एक बड़ा सवाल है आखिर कौन से राइस मिल और किनके निर्देश पर भौतिक सत्यापन करने गयी थी यह भी जांच का विषय है।
*प्राची केसरवानी खाद्य निरीक्षक, नवागढ़*
*वर्जन*
लगातार फोन करने के बावजूद फोन उठाने के बाद बेमेतरा में नहीं रहने व अपनी वाहन की सर्विसिंग करवाने बाहर जाने की बात कही साथ अनिरुद्ध मिश्रा जो की दाढ़ी के तहसीलदार के पद पर पदस्थ हैं उनका इस 83059 33582 नम्बर दिया उनको बुलाकर कार्यवाही करवाने की बात कही । किन्तु जिस महाशय का नम्बर दिया वह तो महान निकला, फोन तो उठाते मगर दुर्भाग्य है बेमेतरा जिले के दाढी तहसीलदार के पद पर रहते हुए अपने में काफी मगन रहे मानो किसी का भी फोन आ जाए कोई लेना-देना नहीं ऐसा समझते हैं। प्रशासनिक राजस्व विभाग के अधिकारी मानो नौकरी वे सिर्फ अपने लिए करते हैं काम तो अपने मुताबिक काम करेंगे साहब।
*धर्मवीर सिंह, खाद्य निरीक्षक बेमेतरा*










