*कवर्धा के चुहे कहीं बेमेतरा जिले में आकर धान तो नहीं खा रहे फिर बड़ा धान घोटाला…*
17 करोड़ का धान घोटाला या चूहे-दीमक का खेल…मश्हुर शायर की यह मुशायरा…को जरूर समझे…समझ समझ के जो ना समझे मेरे नजर में ना समझ है…
बेमेतरा @ newsstory7 जिले से भ्रष्टाचार और लापरवाही का एक ऐसा मामला कवर्धा के बाद अब बेमेतरा में सामने आया है जो बेमेतरा जिले की प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। बेमेतरा जिले के सरदा-लेंजवारा धान संग्रहण केंद्र में भौतिक सत्यापन के दौरान 53हजार 6 सौ 39 क्विंटल धान शॉर्टेज का मामला उजागर हो रहा है। वर्तमान में गायब हुए इस धान की बाजार कीमत लगभग 17 करोड़ 10 लाख रुपए से अधिक आंकी जा रही है। इस बड़ी गड़बड़ी के उजागर होने के बाद केंद्र प्रभारी नीतीश पाठक को निलंबित कर दिया गया है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए अब राजनीतिक पारा भी चढ़ते नजर आ रहा है।

*भौतिक सत्यापन में खुली पोलः रिकॉर्ड और हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर*
कवर्धा के बाद बेमेतरा जिले का मामले का खुलासा तब हुआ जब पूर्व कलेक्टर रणबीर शर्मा और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने संग्रहण केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मौके पर धान की बोरियों का जो अंबार दिखना चाहिए था, वह नदारद मिला। संदेह होने पर बेरला एसडीएम दीप्ति वर्मा के नेतृत्व में 8 सदस्यीय टीम का गठन कर भौतिक सत्यापन के आदेश दिए गए। तब कहीं जाकर मामले की खुलासा हुआ अब मामले पर विपक्ष सत्ता पक्ष को घेरते हुए राजनितिक पार्टीयों के लिए जमकर प्रदेश सरकार को निशाना बना रहे हैं। वहीं जिम्मेदार अधिकारी जांच कराने को ढोल बजा रहे हैं।
वर्जन –
इस मामले पर जांच की जा रही है। है। जांच उपरांत नीतिगत कार्रवाई की जाएगी।
निशा फुंकेज, डीएमओ, बेमेतरा,










