अपराध पर लगाम या लगाम पर अपराध… बेमेतरा जिले में बड़ी मुश्किल है रे बाबा…

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*अपराध पर लगाम या लगाम पर अपराध… बेमेतरा जिले में बड़ी मुश्किल है रे बाबा…*

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*धान खरीदी के लिए किसानों को टोकन कटवाए या ओडिया के बेईमान प्रबंधक के कारनामे पर पर्दा डाले*

*किसानों के द्वारा तौल कर लाए गए धान को बगैर देखे व तौले ताथ सुतली खिली हुई तौल की झूठी क़सम आखिर कब तक*

*सरकारी निर्देशों का खुला उल्लघंन करने वाले को सम्मान दे या करने दे मनमानी*

*सरकार को लाखो का नुकसान पहुचाने का ठेका उठा रखे ओडिया के समिति जिम्मेदार कर्मचारी आखिर किसका मिल रहा सरक्षण जांच का विषय*

न्यूज़ स्टोरी@बेमेतरा – बेमेतरा जिले में यह बात समझ से परे है एक मशहूर शायर की यह ग़ज़ल बेमेतरा जिले की अवैध धान परिवहन व कोचियों पर अंकुश लगाने की बात पर जिम्मेदार अफसरों की बात कुछ इस शायरी से समझा जा सकता है। समझ समझ के जो ना समझे,, मेरे समझ में वो नासमझ है ।। या फिर ना समझ के जो समझ गया वहीं दूसरी ओर है । यही बात बेमेतरा जिले में जमकर चर्चा में है। कार्यवाही करें तो अपराध और नहीं करें तो अपराध ऐसे में करें तो क्या करें..? 

 

जहा तहजीब बिकती हो… फरमान पर अकुशं लगते हो… वहा तुम शराब तो पिलाओ पूरा हिन्दुस्तान तुम्हारे कब्जे में… 

 

यह शब्द बया करता है सेवा सहकारी समिति ओड़िया के फड प्रभारी व सहायक प्रबंधक सहित जांच करने पहुंचे नया तहसीलदार व आर ई ओ तथा हल्का पटवारी की कारनामे को उजागर कर रहा है। किस तरह जांच के नाम पर आया और अमानक धान देखकर सूर्य अस्त व पत्रकारों को समिति से बाहर जाने का इंतजार करने के बाद रची गई साजिश किस तरह हल्का पटवारी ने फड प्रभारी को फोन पर ग्रामीणों को इक्कठा करके हंगामा करके अमानक धान को नया धान करने व पत्रकारों को दबाव बनाकर मनमानी करने के लिए सतत् फड प्रभारी को हल्का पटवारी निर्देश करके कार्यवाही करने से बचना चाह रहे थे। इसी कारण से अनाधिकृत रूप से कुछ नशे में मस्त लोगों को शराब पीलाने का लोभ देकर समिति कर्मचारी जो फड प्रभारी के पद पर पदस्थ हितेंद्र साहू के द्वारा हल्का पटवारी के निर्देश पाकर उनके इशारे पर काम किया और उसी के मन मुताबिक फड प्रभारी व सहायक प्रबंधक जो समिति में था ही नही उनको बचाने में कामयाब हो गए जिनका जांच होनी चाहिए एक दोषी कर्मचारियों को बचाने जो अमानक धान की खरीदी कर बगैर तौल के सिलाई करवा देने तथा समिति में ग्रामीणों को जबरन बुलाकर समिति के अंदर किसी भी अप्रिय घटना अंजाम दे सकता था उक्त फड प्रभारी व जांच अधिकारी के गैरजिम्मेदराना हरकत प्रदेश सरकार को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाने का मानो ठेका ले रखे है ऐसा प्रतीत होता है। 

 

*जिम्मेदार अफसरों को अवैध गतिविधियों की सूचना देना मौत को गले लगाने से कम नहीं*

 

समितियों पर पुराने धान की हो रही खपत… सूचना देने के बाद पहुंचे अधिकारी… सहायक प्रबंधक को बचाने हाथ खड़े कर एस आई आर बना एक बहाना… सरकार को चुना लगाने में कहीं जिम्मेदार अधिकारी ही संरक्षण तो नहीं दे रहा बात पते की है… सत्य हमेशा कड़वा होता है जिसे पचा पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है… फिर भी सरकारी सिस्टम पर बैठे जिम्मेदार अफसर की नाकामी साफ देखने को मिल रहा है… समिति प्रबंधक से लेकर जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारीयों की हकीकत उजागर हुआ तो अपने कर्मचारियों को बचाने में मिडिया से जिम्मेदारों की चुप्पी अमानक व सरकार के दिशा निर्देशों का खुला उल्लंघन करने वाले को खुला सरक्षण देना तो इस बात को स्पष्ट करता है की किस तरह सूचना देने वाले की पहचान छुपाने व उनकी सूचना पर निष्पक्ष जाँच करने के बजाय ग्रामीणों को बुलाकर हो हल्ला करवा कर मामला निराकरण करने वाले की जांच होनी चाहिए।

*वर्जन*

फोन पर सम्पर्क किया गया किन्तु किसी व्यस्तता के वजह से फोन रिसीव नही किए । फोन नम्बर 6267320220 से 6300024080,पर सम्पर्क किया गया। 

*प्रतिष्ठा मंगवई, जिला कलेक्टर बेमेतरा*

*वर्जन* 

मेरे सभी कर्मचारी कही ना कही गए हुए है जो कोई खाली होते हैं तत्काल भेजूंगा। 

*ओमकार सिंह ठाकुर ,जिला खाद्य अधिकारी बेमेतरा* 

*वर्जन*

मै साजा का एस डी एम हूं आप थानखम्हरिया के एस डी एम को फोन करें। 

*डॉ. दिप्ती वर्मा, एस डी एम साजा*

 

*वर्जन*

नवागढ़ में अभी धान पकडा गया है वही जा रहे हैं। वहा से ओडिया समिति के लिए भेजता हूँ। 

*राकेश नरेटी*, 

*मंडी सचिव बेमेतरा*,

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