नवागढ़ क्षेत्र में बाल विवाह पर जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने की रोक दी समझाईस…

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*नवागढ़ क्षेत्र में बाल विवाह पर जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने की रोक दी समझाईस...*

*आखिर हम क्यों करते है बाल विवाह…आवों मिलकर बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के सपनो को साकार करें...*

*आज भी मौके पर जिम्मेदार अधिकारी पहुँच रोकवाये बाल विवाह…*

न्यूज़ स्टोरी बेमेतरा छत्तीसगढ़ – छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से 10 मार्च 2024 को शुरू किया गया एक जन-आंदोलन है, जिसका लक्ष्य 2028-29 तक पूरे राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाना है, जिसमें बालोद जिला पहला बाल विवाह मुक्त जिला घोषित हो चुका है, और यह अभियान जन-जागरूकता, सामुदायिक भागीदारी और कानूनों के सख्त प्रवर्तन पर केंद्रित है। किन्तु फिर भी बेमेतरा जिले में जागरूकता अभियान चलाने के बावजूद भी लोग जानबूझकर नौनिहालों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने के लिए तुले रहते हैं। जिला परियोजना अधिकारी को सूचना मिलते ही त्वरित कार्यवाही हेतु नवागढ़ परियोजना के जिम्मेदार कर्मचारियों को पुलिस बल के साथ हो रहे बाल विवाह ग्राम पहुंचकर बाल विवाह को रोका गया साथ ही समझाईस देकर लडके व लडकी की विवाह की सही उम्र की जानकारी भी विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को दी साथ ही संकल्प दिलवाई ताकी भविष्य में उस गाँव में बाल विवाह ना हो सके। 

*बाल विवाह रोकने का मुख्य उद्देश्य...*

जागरूकताः बाल विवाह के सामाजिक, कानूनी और स्वास्थ्यगत दुष्परिणामों के बारे में लोगों को शिक्षित कर बच्चों के पढने के उम्र में उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ ना करने व सही समय आने पर उनकी विवाह करना है। जैसा कि न्यूज़ स्टोरी @ द्वारा बताया गया है।

सामुदायिक भागीदारी: पंचायती राज संस्थाओं,स्वयंसेवी संगठनों, महिला समूहों और आम जनता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना,और आस पास होने वाले बाल विवाह को अवश्य रोकने का प्रयास करें। 

*बाल विवाह रोकने में विशेष योगदान…*

चंद्रबेस सिसोदिया जिला परियोजना अधिकारी की विशेष मार्ग दर्शन पर नवागढ़ थाना प्रभारी यादव की सहयोग व नवागढ़ परियोजना के जिम्मेदार अधिकारी वसुंधरा जोगी मैडम व नवागढ़ पुलिस के जाबांज जवानों के सहयोग से बाल विवाह रोकने बेमेतरा जिला के जिम्मेदारों ने बखूबी से जिम्मेदारी निभाते हुए बाल विवाह रोकने सफल हुए। 

*आवो मिलकर हम भी बाल विवाह रोके… कैसे आईए जानते हैं*

*बाल विवाह रोकने हेतु निःशुल्क हेल्पलाइन सेवाएं -*

*चाइल्ड हेल्पलाइन 1098*

बाल विवाह की जानकारी होने पर आप टोल फ्री नंबर 1098 पर कॉल करके इसकी सूचना दे सकते हैं। यह बच्चों की सहायता हेतु समर्पित नंबर है जो तत्काल मदद सुनिश्चित करता है।

*डायल ERS 112*

बाल विवाह की सूचना टोल फ्री नंबर ERS 112 पर भी दी जा सकती है। यह पुलिस सहायता सेवा बाल विवाह रोकने में मददगार साबित होगी।

*महिला हेल्पलाइन 181*

महिला हेल्पलाइन 181 महिलाओं की सुरक्षा हेतु समर्पित है। हिंसा या अपराध की स्थिति में इस सेवा के माध्यम से सहायता प्राप्त करें।

आइये हम सब बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान से जुड़कर अपने राज्य को बाल विवाह मुक्त कर देश में अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प लें।

*खबर विस्तार से….*

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के नवागढ़ परियोजना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम में दिनांक 2 फरवरी 26 को बाल विवाह की सूचना के आधार पर जिला स्तरीय टास्कफोर्स की दल जिसमें महिला एवं बाल विकास विभाग के एकिकृत बाल विकास परियोजना / जिला बाल संरक्षण इकाई/चाइल्ड हेल्पलाईन 1098 / माइलासा एवं पुलिस विभाग के संयुक्त गठित टीम द्वारा विवाह स्थल वार्ड / ग्राम बोडतरा विकासखण्ड नवागढ़ जाकर थाना नवागढ़ जिला बेमेतरा में दबिश दी गई है। विवाह स्थल में बालक / बालिका श्री जन्मतिथि 27.10.2002 आयु वर्ष माह… दिन है। संबंधीत प्रमाण पत्र (क) के सत्यापन पर पाया गया कि बाल विवाह का संज्ञान होने पर पालक सहित परिवार के अन्य सदस्यों, विवाह में उपस्थित रित्तेदारों एवं सेवा प्रदाताओं को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों को संयुक्त टीम के द्वारा बताया गया किः-लड़का/लड़की के विवाह योग्य आयु होने पर ही विवाह किया जाना है। माता-पिता/पालक/परिजनों / रिस्तेदारों एवं उपस्थित प्रामिणों को बाल विवाह की कानूनी जानकारी / समझाईस देकर बाल विवाह रोका गया।

उक्त बाल विवाह पंचनामा निम्नलिखित हरताक्षरकर्ता के समक्ष तैयार किया गया। जिसमें परियोजना नवागढ़ की वसुन्धरा जोगी, पाल ध्रुव (प्रथम)सुरेश साई राम 

1. 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के और 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की के विवाह को प्रतिबंधित किया गया है।

2. 18 वर्ष से अधिक आयु का पुरूष यदि 18 वर्ष से कम आयु की किसी महिला से विवाह करता है तो उसे 2 वर्ष तक का कठोर कासवास अथवा जुर्माना जो कि 1 लाख रूपये तक हो सकता है अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है। कोई व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता या करता है अथवा उसमें सहायता करता है, उसे 2 वर्ष का कठोर कारावास अथवा जुर्माना जो कि 1 लाख रूपए तक हो सकता है अथवा दोनो से दण्डित किया जा सकता है। कोई व्यक्ति जो बाल विवाह को बढ़ावा देता है अथवा उसकी अनुमति देता है. बाल विवाह में सम्मलित होता है, को 2 वर्ष तक के कठोर कारावास अथवा जुर्माना जो कि 1 लाख रूपये तक हो सकता है अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है।

लड़का/लड़की के विवाह योग्य आयु होने पर ही विवाह किया जाना है। माता-पिता/पालक / परिजनों / रिस्तेदारों एवं उपस्थित ग्रामिणों को बाल विवाह की कानूनी जानकारी / समझाईस देकर बाल विवाह रोका गया।

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