प्राथमिक शाला कर्री में लटका ताला:
प्राथमिक शाला कर्री : काग़ज़ों में दो शिक्षक, ज़मीन पर शून्य शिक्षा…
न्यूज़ स्टोरी @भरतपुर छत्तीसगढ़ – सरकारी दावों और ज़मीनी सच्चाई के बीच पिसता बचपन
जिला शिक्षा अधिकारी के जांच पर उठ रहा है सवाल। छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले का भरतपुर विकासखण्ड घने जंगलों, पहाड़ियों और दूरस्थ गांवों से घिरा यह क्षेत्र प्रशासनिक फाइलों में भले ही “सामान्य” दिखता हो, लेकिन जमीनी हकीकत में यहां आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए लोग संघर्ष कर रहे हैं। इन्हीं संघर्षों के बीच ग्राम कर्री का प्राथमिक विद्यालय आज शिक्षा व्यवस्था की विफलता का एक जीवंत उदाहरण बन चुका है। सरकारी काग़ज़ों में यह विद्यालय पूरी तरह संचालित है। शिक्षक पदस्थ हैं, बच्चों की संख्या दर्ज है, उपस्थिति रजिस्टर नियमित भरा जा रहा है, मध्यान्ह भोजन योजना लागू है और सब कुछ “नियम के अनुसार” चल रहा है। लेकिन जब इस विद्यालय की ग्राउंड रिपोर्ट की गई, तो जो तस्वीर सामने आई, उसने शिक्षा विभाग के तमाम दावों की पोल खोलकर रख दी।
बाइट :-आर के सिंह टेकाम










