*बेमेतरा जिले में अधिकारियों के प्रति कार्यवाही व उचित न्याय की टूटती आम जनता का विश्वास*

*जिला मुख्यालय व मुख्य मार्ग में स्थित स्मार्ट पाइंट बाजार में आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़, एक्सपायरी समान को आधे रेट में बेचा,जिले के फूड सेफ्टी विभाग, तहसीलदार, जिला CHMO व नोडल,तथा अपर कलेक्टर एवं अनुविभागीय दंडाधिकारी बेमेतरा कों जानकारियां देने के बाद भी घंटो इंतजार करने पर नहीं पहुँचे कार्यवाही करने जिम्मेदार…*
*आम नागरिक बेमेतरा जिले के अधिकारीयों से कार्यवाही व न्याय की अब क्या उम्मीद करे, लेकिन कार्यवाही के नाम पर जिम्मेदार विभाग के अधिकारीयों का छूटने लगा पसीना..और करने लगा टाल मटोल…*
*जिम्मेदार अफसरों की नाकामी की हकीकत तस्वीर अगर देखना है तो आप भी जिले के अधिकारियों किसी गलत तरीके या अवैध कार्यों का सूचना देकर देख सकते हैं…*
*जांच के नाम पर जिम्मेदार अफसर एसी पर बैठे बैठे मलाई मिठाई में मस्त तो नहीं..?*
बेमेतरा – आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ किस तरीके से कर रहे खिलवाड़ यह खबर जिला मुख्यालय बेमेतरा का हैं गौरतलब हो की जिला मुख्यालय व मुख्य मार्ग में स्थित स्मार्ट पाइंट बाजार में आम लोगों ने जमकर होली में खरीददारी की गई है साथ ही खाद्य सामग्रीय का सेवन भी कर चूके होंगे । प्राप्त सूत्रों से पता चला की एक डिलीवरी बाय द्वारा कस्टमर को आर्डर का सामान छोड़ने गए हुए थे। जहां एक्सपायरी सामग्री देखकर डिलीवरी बाय को पकड़ डांट फटकार भी लगाई गई है। किंतु जवाबदार स्मार्ट पाइंट के मैनेजर ने ना सुधार की और ना ही जिम्मेदार विभाग का कार्यवाही का डर भी नहीं..और चुपके से एक्सपायरी खाद्य सामग्री को बेच देने के नीयत में लगे रहे वहीं एक ग्राहक जो क्षेत्र के एक जनप्रतिनिधि है जो वहां के रेगुलर ग्राहक भी है जो घर के लिए आज दिनांक 06/03/26 कों सामान खरीदी की और बिल भी पे कर दिया किंतु सामान को हाथ में रखकर गेट से निकल रहे थे तो अचानक एक्सपायरी डेट पर पड़ी तो सेल्स मैनेजर से बात किया तो सिनियर मैनेजर से बात करने के लिए कहा जहां वो स्वयं इस बात को मीडिया के सामने स्वीकार किया और मीडिया के समक्ष अपनी बात रखना उचित नहीं समझा, नतिजन बेमेतरा जिले के भोले भाले जनता के सेहत के साथ खुलकर खिलवाड़ किया गया और बेमेतरा जिले के फूड सेफ्टी विभाग, तहसीलदार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी,नोडल, जिला कलेक्टर व अपर कलेक्टर व अनुविभागीय दंडाधिकारी बेमेतरा को भी मामले की जानकारी दी गई मगर दुर्भाग्य का विषय है की जिले के जिम्मेदार अफसर को आम जनता के सेहत से कोई लेना-देना नहीं ऐसा लगता है क्योंकि यदि उनके मन में जरा भी सतर्कता नहीं है निष्क्रियता इतना की आम लोगों के जीवन व उनके सेहत के साथ कोई भी खुले आम खिलवाड़ कर रहे और जिम्मेदार कार्यवाही के नाम पर दफ्तर में बैठे बैठे ही अपनी जिम्मेदारी निभाने में ही भलाई समझते हैं। जानकारियां होने के बाद भी घंटो इंतजार करने के बौजूद मौके पर नहीं पहुँचे सिर्फ दिखावे के रूप में जिले के जिम्मेदार अधिकारियों कों भेजनें का बात कही लेकिन मौके पर जिला मुख्यालय का जांच भी नहीं करा पाई जिनसे आम जनता ने कहा जिला मुख्यालय में अधिकारी रहते हुवे मौके पर नहीं पहुंच पाये तो अब क्या ऐसे जिम्मेदार अधिकारी के प्रति न्याय और कानून व्यवस्था का सुधार की क्या उम्मीद रखेंगे कहते हुवे ग्राहक अपने घर को चले गए इस विश्वास के साथ की बेमेतरा जिले में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। साथ ही जिला प्रशासन की प्रशासनिक कसौटी पर सवाल खड़ा करवा रहे हैं। ऐसा कहते हुए कहा की एक जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा हो रहा है तो आम जनता कैसे व्यवहार करते होंगे जिले के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी यह एक बड़ी निंदा का विषय है।
*जनता के सेहत से जुड़ी मामले पर जिम्मेदार अफसरों की निष्क्रियता बेमेतरा जिले की उचित नहीं*
जिले के जवाबदार पद में रहने के बाद भी सतर्क नहीं साथ स्वास्थ्य से जुड़ी मामले में लापरवाह को सह देना और गुनाह करने का मौका देने वाले को शर्म आनी चाहिए की चार घंटे के बाद भी किसी भी प्रकार से कार्यवाही के लिए एक भी जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे। जनता के सेहत के साथ खुलेआम खिलवाड़ करने वाले को खुली छुट दे रखी है और शिकायत व सूचना देने को परेशान करने की मंसुबे साफ जिम्मेदार अफसरों की कार्यप्रणाली साफ और स्पष्ट देखने को मिल रहा है। जिनको आम जनता के सेहत से कोई लेना-देना नहीं यह बात आज बेमेतरा जिले की प्रशासनिक पदों पर बैठे जिम्मेदार अफसरो ने स्पष्ट कर दिया।
दिपक सिंह दिनकर
जनपद सदस्य जनपद पंचायत बेमेतरा
*आम जनता के सेहत के साथ खिलवाड़ (यूबीटी) शिव सेना कभी बर्दाश्त नहीं करेगी*
मौके पर जवाबदार अधिकारीयों का नहीं पहुंचना उनके कार्य पर उठता सवाल क्योंकी सरकार आम जनता के सेहत और उनके स्वास्थ्य के लिए उनको ज़िम्मेदारी देकर बेमेतरा जिला मुख्यालय पर बिठाया गया है। किंतु अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली बात अब स्पष्ट होते नजर आ रहा है। आखिर जिम्मेदार अफसरों को जांच और कार्यवाही करने के ग्राउंड पर जाकर कार्य करना चाहिए ना किसी शिकायत कर्ता की लिखित शिकायत की प्रतीक्षा करने की जरूरत ही नहीं पड़नी चाहिए। मगर हकीकत यही है की जिम्मेदार अफसर कुछ निजी कारोबारीयों से सांठगांठ कर चुके हैं इसी वजह से वे किसी जिम्मेदार के द्वारा किसी घटना या अन्य किसी प्रकार की सूचना दिया जाता है तो मौके पर नहीं पहुंचना निजी संस्थानों के गुनाहगारों पर पर्दा डालने का अवसर देता है ऐसा प्रतीत होता है। जो जिला मुख्यालय में रहने के बावजूद भी घटना स्थल पर नहीं पहुंचे उन पर भला उचित कार्यवाही का क्या विश्वास रखें। हमें लगता है की सम्बंधित प्रतिष्ठान के लोगों के साथ सांठगांठ होगा जिनके चलते वह मौके पर पहुंचने पर उनकी महिने की मलाई मिठाई बंद होने का डर रहा होगा इसी वजह से अपनी ईमानदारी और कार्यवाही की झुठी आश्वासन से ही काम चला लिए एक जिम्मेदार अफसर जिनके वजह से खुले आम एक्सपायरी खाद्य सामग्री जमकर होली में बिक्री करवा दी और जवाबदार अफसरों की नाकामी स्पष्ट देखने को मिला जिससे अब आम जनता समझ चुकी है की खुलेआम आम नागरिकों के सेहत के साथ किस तरह खिलवाड़ किया जा रहा है। जिसे हमारी (यूबीटी) छत्तीसगढ़ शिव सेना पार्टी बिल्कुल नहीं सहन नहीं करेगा।
दाऊ राम चौहान
छत्तीसगढ़ प्रदेश महा सचिव शिव सेना (यूबीटी) पार्टी










