*ख़बर का बड़ा असर*
*मरका स्कूल में दरार की ख़बर के बाद प्रशासन ऐक्शन में, कलेक्टर ने गठित किया 4 सदस्यीय जांच दल..*
*पत्रकारों की सक्रियता फिर लाई रंग, शिक्षा के मंदिर में निर्माण गुणवत्ता पर उठे बड़े सवाल*
*भाजपा जिलाध्यक्ष के निज गांव में बने स्कूल भवन पर अब पूरे जिले की नजर*
बेमेतरा – अधियारखोर : मुख्यमंत्री जतन योजना के तहत शासकीय प्राथमिक शाला मरका में निर्माणाधीन अतिरिक्त कक्ष एवं हॉल में दरार आने तथा निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाने वाली खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है।
कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय संयुक्त तकनीकी जांच दल का गठन किया है। जांच दल में लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, सीजीएमएससी और मंडी बोर्ड के तकनीकी अधिकारियों को शामिल किया गया है। टीम को सात दिनों के भीतर स्थल निरीक्षण कर विस्तृत जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच के दौरान निर्माण की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों, उपयोग की गई सामग्री और निर्माण प्रक्रिया का परीक्षण किया जाएगा। यदि किसी प्रकार की अनियमितता या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मरका स्कूल भवन में हैंडओवर से पहले दरार आने की खबर के बाद जिला प्रशासन द्वारा जांच के आदेश जारी किए जाने को मामले में महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई माना जा रहा है।
*शिक्षा के मंदिर में सवालों की दरार*
मरका स्कूल भवन में दरार आने की घटना ने केवल एक निर्माण कार्य पर सवाल नहीं खड़े किए हैं, बल्कि मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत जिले में हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
*क्या मरका अकेला मामला है?*
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या केवल मरका स्कूल ही ऐसा निर्माण है, जहां गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं, या फिर मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत बेमेतरा जिले के अन्य विकासखंडों में बने भवनों की भी स्वतंत्र तकनीकी जांच होगी?
क्या नवागढ़, बेरला, साजा और बेमेतरा विकासखंड में बने स्कूल भवनों की गुणवत्ता का भी परीक्षण कराया जाएगा?
*ठेकेदार, इंजीनियर और निगरानी तंत्र पर सवाल*
यदि हैंडओवर से पहले ही भवनों में दरारें दिखाई देने लगी हैं, तो निर्माण एजेंसी, संबंधित ठेकेदार, तकनीकी इंजीनियर और निगरानी तंत्र की भूमिका पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
क्या निर्माण के दौरान नियमित तकनीकी निरीक्षण किया गया था? यदि किया गया, तो गुणवत्ता संबंधी खामियां समय रहते क्यों नहीं पकड़ी गईं?
क्या सामग्री परीक्षण, क्यूब टेस्ट, माप पुस्तिका और तकनीकी निरीक्षण अभिलेखों की भी जांच होगी?
*भाजपा जिलाध्यक्ष के निज गांव में उठे सवाल*
मरका गांव को भाजपा जिलाध्यक्ष के निज गांव के रूप में देखा जा रहा है, इसलिए इस मामले को लेकर जनता और स्थानीय लोगों की अपेक्षाएं और भी बढ़ गई हैं।
अब लोगों के बीच यह सवाल चर्चा में है कि क्या इस मामले में जनप्रतिनिधियों, स्थानीय नेतृत्व और संबंधित जिम्मेदार पक्षों की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया आएगी, और क्या शिक्षा के मंदिर में गुणवत्ता से समझौता करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी।
*पत्रकारों की सक्रियता से खुला मामला*
स्थानीय पत्रकारों की सक्रियता और खबर के प्रकाशन के बाद ही प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच दल गठित किया। इसे पत्रकारिता की जिम्मेदार भूमिका और जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाने की महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
*अब पूरे जिले में जांच की मांग*
अब जिले की जनता की नजर केवल मरका स्कूल की जांच रिपोर्ट पर नहीं, बल्कि इस बात पर भी है कि क्या प्रशासन मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत बेमेतरा जिले के सभी विकासखंडों में हुए निर्माण कार्यों की व्यापक, निष्पक्ष और तकनीकी जांच कराएगा।
यदि जांच में किसी भी स्तर पर अनियमितता, लापरवाही, गुणवत्ता में कमी या वित्तीय गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित ठेकेदारों, इंजीनियरों और जिम्मेदार अधिकारियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
*वर्जन*
मुझे जानकारी की स्कुल में दरार आ चूका है। इस विसय को लेकर कलेक्टर साहिबा को मै स्वयं ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट व लायसेंस रद्द करने की भात कही है।
*अजय साहू*
*भाजपा जिलाध्यक्ष बेमेतरा*









