सोमनाथ के गौरवशाली इतिहास से रूबरू हुए छत्तीसगढ़ के श्रद्धालु, लेजर शो ने किया मंत्रमुग्ध
बेमेतरा। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी सोमनाथ सांस्कृतिक तीर्थ यात्रा के अंतर्गत गुजरात पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के दर्शन कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की। इस दौरान मंदिर परिसर में आयोजित भव्य लेजर शो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा, जिसने सभी को सोमनाथ के गौरवशाली इतिहास, सनातन संस्कृति और भारतीय सभ्यता की अमर गाथा से रूबरू कराया।
लेजर शो में अत्याधुनिक तकनीक और मनमोहक प्रकाश प्रभावों के माध्यम से सोमनाथ मंदिर के प्राचीन वैभव, विदेशी आक्रांताओं द्वारा विभिन्न कालखंडों में किए गए विध्वंस तथा भारतीय समाज की अदम्य आस्था और संकल्प शक्ति से हुए पुनर्निर्माण की प्रेरणादायक कहानी को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। श्रद्धालुओं ने महसूस किया कि सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, राष्ट्र गौरव और अटूट आत्मविश्वास का प्रतीक है।
गुजरात के वेरावल रेलवे स्टेशन पहुंचने पर लगभग 1300 तीर्थयात्रियों का स्थानीय प्रशासन द्वारा पारंपरिक गुजराती संस्कृति और वेशभूषा के साथ आत्मीय स्वागत किया गया। इसके बाद विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन कर श्रद्धालु संध्या बेला में सोमनाथ मंदिर पहुंचे, जहां भगवान सोमनाथ के दर्शन एवं सामूहिक आरती में शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। श्रद्धालुओं ने इसे जीवन का अविस्मरणीय और आध्यात्मिक अनुभव बताया।
यात्रा के दौरान पूरे वातावरण में भक्ति, संस्कृति और छत्तीसगढ़ी लोकजीवन की सुंदर झलक देखने को मिली। कोई कविता पाठ कर रहा था, कोई गीत-संगीत में मग्न था, तो कोई नृत्य के माध्यम से अपनी खुशी व्यक्त कर रहा था। हंसी, उल्लास और आत्मीयता से भरा यह सफर यात्रियों के लिए किसी पारिवारिक उत्सव से कम नहीं रहा। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरी रेलगाड़ी एक विशाल परिवार में बदल गई हो।
इस सांस्कृतिक तीर्थ यात्रा में अहिवारा विधायक, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, पद्मश्री राधेश्याम बारले, पद्मश्री उषा बारले, प्रसिद्ध पंडवानी कलाकार, लोकगायिका कविता वासनिक, रजनी रजक सहित अनेक कलाकारों एवं सांस्कृतिक हस्तियों की सहभागिता रही। संस्कृति विभाग के संचालक संजय कन्नौजे, अधिकारी युगल तिवारी सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी भी यात्रा में मौजूद रहे।
विशेष बात यह रही कि बेमेतरा जिले से 30 से अधिक कवि, साहित्यकार, कलाकार और जनप्रतिनिधियों ने इस यात्रा में भाग लिया। इनमें हास्य-व्यंग्य कवि रामानंद त्रिपाठी, गीतकार गोकुल बंजारे ‘चंदन’, भुवन दास जांगड़े, हृदय राम वर्मा, नारायण वर्मा, विशाल सिंह धूर्वे, नरेंद्र कुमार साहु, डॉ. राजेंद्र पाटकर, घनश्याम ताम्रकार, रोहित साहु, तामेश्वर साहु, शिवकुमार विश्वकर्मा, रविशंकर अखिल, कन्हैया सेन, प्रहलाद वर्मा, रूपराम यादव, घनश्याम सिंह ठाकुर, भालेश शुक्ला, राम सिंह ठाकुर, केशर दीक्षित तथा नोडल अधिकारी पुरुषोत्तम साहु सहित अनेक गणमान्य नागरिक शामिल रहे।
श्रद्धालुओं ने यात्रा के दौरान उपलब्ध कराई गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार, संस्कृति विभाग तथा बेमेतरा विधायक दीपक साहू के प्रति आभार व्यक्त किया। यात्रियों ने कहा कि यह यात्रा केवल तीर्थ दर्शन तक सीमित नहीं रही, बल्कि भारतीय संस्कृति, इतिहास और आध्यात्मिक विरासत को निकट से जानने और महसूस करने का दुर्लभ अवसर भी साबित हुई।









