*कृषि वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर खरे को मिला ‘प्राइड ऑफ भारत अवार्ड 2026’*
*कृषि शिक्षा, युवा मार्गदर्शन, सामाजिक सरोकार और भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान*
रायपुर/पामगढ़ – भारत के 80वें गौरवशाली स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में आयोजित भव्य राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक एवं शोध विद्वान डॉ. चंद्रशेखर खरे को ‘प्राइड ऑफ भारत अवार्ड 2026’ एवं ‘भारत का गौरव राष्ट्रीय अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके कृषि विज्ञान के क्षेत्र में योगदान, नि:शुल्क कृषि शिक्षा एवं कौशल प्रशिक्षण, युवाओं को कैरियर मार्गदर्शन, रोजगार सृजन तथा सामाजिक जागरूकता के लिए किए जा रहे निरंतर कार्यों के लिए प्रदान किया गया।
समारोह में छत्तीसगढ़ शासन योग आयोग के अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त श्री संजय अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके करकमलों से डॉ. खरे को राष्ट्रीय अलंकरण प्रदान किया गया। हजारों की संख्या में उपस्थित गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में मिले इस सम्मान ने पामगढ़ और जांजगीर-चांपा क्षेत्र को गौरवान्वित किया।
*कृषि विज्ञान से लेकर युवा भविष्य निर्माण तक उल्लेखनीय योगदान*
डॉ. चंद्रशेखर खरे वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक, प्रक्षेत्र प्रबंधक एवं शोध विद्वान (सस्य विज्ञान), कृषि विज्ञान केंद्र, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के साथ-साथ कृषक वैज्ञानिक सलाहकार और कैरियर मार्गदर्शक के रूप में भी सक्रिय हैं। वे अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिकारी-कर्मचारी संघ से भी जुड़े हुए हैं।
पिछले 17 वर्षों से लगातार वे महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. हिंछाराम खरे, समाजसेवी स्व. गणेशराम खरे तथा रक्तदान, अंगदान और देहदान के लिए समर्पित स्व. मनोज कुमार खरे की स्मृति में युवाओं को नि:शुल्क कैरियर मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।
उनके मार्गदर्शन में युवाओं को ARS, UPSC, CGPSC, SSC, ITI, IBPS, CGSSC, SI, ICAR, PAT, PET, NEET, CIPET, पॉलीटेक्निक सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नि:शुल्क फॉर्म भरने, प्रवेश प्रक्रिया और सफलता की रणनीति संबंधी मार्गदर्शन दिया जाता है।
*पर्यावरण संरक्षण में भी बनाई अलग पहचान*
डॉ. खरे ने केवल शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी अपने सामाजिक दायित्व का हिस्सा बनाया है। उनके नेतृत्व एवं प्रयासों से क्षेत्र में हजारों पौधों का रोपण कर उनके संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया गया है।
*भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष और किसानों के हित की आवाज*
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार डॉ. खरे ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाने तथा कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों एवं शिक्षकों के अधिकारों से जुड़े विषयों को सड़क से लेकर विधानसभा, लोकसभा और संसद तक उठाने में सक्रिय भूमिका निभाई है। कृषि वैज्ञानिकों एवं शिक्षकों के वेतनमान तथा एनपीएस/ओपीएस जैसे विषयों को लेकर उनके संघर्ष को भी सम्मान के प्रमुख आधारों में शामिल किया गया।
*राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में हुआ सम्मान*
यह राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह श्री ए.के. महाजन, संस्थापक एवं संपादक, डॉ. पी.आर. रोकड़े, निदेशक एवं राष्ट्रीय परीक्षक, एडवोकेट डॉ. क्रांतदर्शी महाजन, संकल्पना संरक्षक एवं मार्गदर्शक तथा डॉ. दिलीप कुमार ललवानी, निदेशक एवं राष्ट्रीय परीक्षक के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन लिटिल जीनियस एकेडमिक काउंसिल, रेडियंट टैलेंट बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, ज्ञान उदय फाउंडेशन, वर्ल्ड सेवन वंडर्स पब्लिकेशन एवं नेचर पथ प्रोजेक्ट के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
*पामगढ़ में खुशी की लहर*
डॉ. चंद्रशेखर खरे को राष्ट्रीय सम्मान मिलने की खबर से पामगढ़ एवं जांजगीर-चांपा क्षेत्र में खुशी की लहर है। क्षेत्र की सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, पामगढ़ विधायक शेषराज हरवंश, नगर पंचायत पामगढ़ अध्यक्ष गौरी छोटेलाल जांगड़े सहित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति, निदेशक विस्तार सेवाएं, निदेशक अनुसंधान सेवाएं, निदेशक शिक्षण, विभागाध्यक्ष सस्य विज्ञान एवं अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय रायपुर सहित अनेक लोगों ने डॉ. खरे को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।











