देवपुरी (रायपुर) के सतनामी समाज में एक नई और गौरवशाली परंपरा की झलक देखने को मिला…
रायपुर – गुरु घासीदास जन कल्याण सेवा समिति सतनामी समाज देवपुरी द्वारा “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश देने वाले परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा जी की 269 वीं जयंती के पावन अवसर पर देवपुरी (रायपुर) के सतनामी समाज में एक नई और गौरवशाली परंपरा की झलक देखने को मिली। गुरु घासीदास जन कल्याण सेवा समिति, देवपुरी के ऊर्जावान सदस्यों ने समाज के स्तंभ कहे जाने वाले अपने वरिष्ठ समाज सेवी और बुजुर्गों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने के लिए एक विशेष सम्मान यात्रा का आयोजन किया।
अक्सर बड़े-बड़े कार्यक्रमों में सम्मान मंच पर होता है, लेकिन समिति ने इस बार एक अनूठी मिसाल पेश करते हुए वरिष्ठजनों के घर- घर जाकर उनका सम्मान किया। यह केवल एक औपचारिक सम्मान नहीं थी, बल्कि यह आने वाली पीढ़ी का अपने वरिष्ठों और मार्गदर्शकों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक आत्मीय तरीका था।
इस क्रम में पुष्पहार, श्रीफल, शॉल एवं श्रद्धा के प्रतीक गुरु घासीदास बाबा जी का छायाचित्र भेंट कर समाज के वरिष्ठ समाज सेवकों का सम्मान किया गया जिन्होंने अपना तन-मन एवं बहुमूल्य समय समाज हित के लिए समर्पित कर दिया। सम्मानित वरिष्ठजन है सर्वश्री डॉ. शंकर लाल टोडर,डॉ. हिम्मत लाल टोडर,लतेलु ब्रम्हदेव,छोटेलाल गायकवाड़,श्याम सुंदर ब्रम्हदेव,ललाता जांगड़े,परदेशी ब्रम्हदेव,अमृत लाल टोडर,खेदू जोशी,राधेश्याम जोशी,भागवत बंजारे,नारायण महेश्वरी
आयोजन का संदेश समिति के इस कदम से समाज में एकता का संचार हुआ है। देवपुरी सतनामी समाज का यह प्रयास यह सिखाता है कि ‘सफल आयोजन’ केवल भीड़ जुटाना नहीं है, बल्कि उन लोगों को याद करना और सम्मान देना भी है जिनके अनुभव की छाँव में समाज प्रगति कर रहा है।
जब समाज अपने वरिष्ठों का सम्मान करना सीख जाता है, तो उस समाज की जड़ें और भी मजबूत हो जाती हैं।”
इस सफल आयोजन और सम्मान समारोह के लिए गुरु घासीदास जन कल्याण सेवा समिति देवपुरी के सभी सदस्य एवं पदाधिकारीगण बधाई के पात्र हैं। परम पूज्य गुरु घासीदास जी की कृपा और “सतगुरु” का आशीर्वाद सभी को मिलता रहें। साहेब गुरु सतनाम!!










