*आखिर कब तक चलेगा भाजपा के प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के साथ कपट की नीति…

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*आखिर कब तक चलेगा भाजपा के प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के साथ कपट की नीति…*

 

*राष्ट्रीय पार्टी के जिला स्तरीय प्रेसवार्ता में पत्रकारों से भयभीत होने की क्या है जरूरत…*

 

*पत्रकारों की स्वाभिमान को ध्यान दें – भाजपा  जिलाध्यक्ष बेमेतरा..*

 

न्यूज़ स्टोरी बेमेतरा छत्तीसगढ़ –  बेमेतरा में बीजेपी कार्यालय में कार्यकर्ताओं के द्वारा रखे गए प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों को आमंत्रित नहीं करने की क्या वजह है क्या कुछ पत्रकारों को जानबूझकर नहीं बुलाना चाहते हैं या फिर तीखे सवालों की जवाब से बचना चाहते तो नही है..? या फिर कपट की राजनीति को बढ़ावा तो नही दे रहे हैं..? यह बेमेतरा जिला मुख्यालय पर भाजपा के कुछ कार्यकर्ता ने चिन्हांकित पत्रकार समुह को ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में बुलाते हैं। वहीं कई पत्रकार संघ को नहीं करते आमंत्रित मानो जानबूझकर कुछ पत्रकार संघ को ही अपनी जिम्मेदारी दे बैठे हैं जबकि बेमेतरा जिले में कुछ राजनीतिक दलों के छलावे व तीखे सवालों के जवाबो से बचना चाहते हैं। जिससे दो ही बातें सामने आती है । जिला अध्यक्ष ने कहा कि हम सभी पत्रकारों को आमंत्रित करते हैं किंतु आपके माध्यम से मुझे पता चला मै बात करता हू जिनको प्रेसवार्ता में आमंत्रित ही नहीं किया मुझे क्या पता पत्रकारों को आमंत्रित करने का पूरा जिम्मा हमारे हर्षवर्धन तिवारी जी है जिनके माध्यम से पत्रकारों को आमंत्रित किया जाता है। वहीं जिला अध्यक्ष महोदय ने इस बात को भी स्पष्ट किया की प्रत्येक बार होने वाले प्रेस वार्ता के लिए एक निर्धारित शुल्क भी देने की बात कही गई। जबकी भाजपा एक बड़ी राजनीतिक पार्टी है जो पत्रकारों के साथ हर छोटी-से छोटी और बड़ी से बड़ी संदेशों को साझा करके ग्रामीण अंचल के अंतिम छोर पर बसे लोगों तक सबका साथ सबका विकास की गाथा को पहुंचाने के लिए आगे रहता है। किंतु बड़ा दुर्भाग्य का विषय यह है कि बेमेतरा जिला मुख्यालय पर चिन्हांकित पत्रकार संगठनों को ही बुलाया जाता है और प्रेस कॉन्फ्रेंस में और जमीनी धरातल पर कार्यरत पत्रकारों को बुलाना ही नहीं चाहते यू माने तो उनसे अपनी पीछे छुड़ाना चाहते हैं।

 

**विकास की परिकल्पना कैसे होगा साकार जब पत्रकार के साथ हो भेदभाव…*

 

पत्रकारों से कपट कर प्रेस वार्ता कर किस बात कों जाहिर करना चाहते है..? और यह बड़ी दुर्भाग्य का विषय है । एक ओर देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी द्वारा विकास की जो परिकल्पना है वह गांव के अंतिम छोर पर बसे लोगों तक पहुंचाने के लिए सशक्त माध्यम के रूप में प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथियों के साथ प्रेस वार्ता के माध्यम से आम नागरिकों तक पहुंचाने की बात कहते हैं। लेकिन बेमेतरा जिले में कथनी और करनी में आसमान फर्क देखने को मिल रहा है। भला ऐसे में सर्वांगीण सपनों का भारत की परिकल्पना को कैसे साकार कर पाएंगे सबका साथ सबका विकास।

 

*वर्जन -*

 

*जिला अध्यक्ष से फोन सम्पर्क किया तो जानकारी प्राप्त हुवा :- पत्रकार वार्ता में हर बार नौ हजार रूपए देते है कितने ग्रृप है हर लोग तीन तीन हजार मांगते हैं तो ऐसे में दस ग्रृप हो जाएगा तो 30 हजार खर्च हो जाएगा ऐसे में कहा से दे पाएंगे। पत्रकार वार्ता खुले आम कर रहे हैं जवाब हमारे नेता लोग देंगे। आप लोगों को भी बुलाया जाएगा ।*

 

*अजय साहू*

भाजपा जिलाध्यक्ष बेमेतरा*

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